विकसित भारत जी राम जी पर अमल के संबंध में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों की बैठक में 95,692 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन राज्यों को जारी कर दिया. सबसे ज्यादा रकम उत्तर प्रदेश को 12,221 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. इसके बाद पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान को रकम जारी की गई है. अन्य राज्यों को के लिए भी रकम अलॉट की गई है. इस रकम को 2.80 लाख ग्राम पंचायतों में 1 जुलाई से शुरू होने वाले कार्यों में खर्च किया जाएगा.
केंद्रीय ग्रामीण विकास व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत जी राम जी योजना पर अमल के संबंध में राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों की बैठक ली. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 1 जुलाई 2026 से लागू होने जा रही नई ऐतिहासिक व्यवस्था के तहत ट्रांजिशन पूरी तरह सुचारू, श्रमिक केंद्रित और बिना किसी व्यवधान के होना चाहिए.
मनरेगा के लिए कुल रकम 1.25 लाख करोड़ रुपये तय
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही मनरेगा के तहत 30 हजार करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं. इसके अतिरिक्त आज 95,692 करोड़ रुपये का इंटरिम अलोकेशन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी किया गया. इस प्रकार कुल राशि 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केवल धन उपलब्ध नहीं करा रही है, बल्कि यह पक्का करना चाहती है कि समय पर मजदूरी भुगतान हो, श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रहें और विकास कार्यों में कोई व्यवधान न आए.
2.80 लाख ग्राम पंचायतों में 1 जुलाई से कार्यक्रम शुरू होंगे
उन्होंने कहा कि यह राशि देश की लगभग 2.80 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी जिससे प्रत्येक पंचायत को लाखों रुपये का फंड उपलब्ध होगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस धनराशि का उपयोग अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार चिन्हित विकास कार्यों में किया जाए. उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे पर्याप्त मात्रा में कार्यों को पूर्व स्वीकृति दें ताकि 1 जुलाई से ही काम तेजी से शुरू हो सके.
किस राज्य को कितनी राशि अलॉट की गई
केंद्र सरकार ने वीबी जीराम जी के तहत विकास कार्यों के लिए सबसे ज्यादा रकम उत्तर प्रदेश को 12,221 करोड़ रुपये अलॉट की है. इसके बाद पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान को रकम जारी की गई है. अन्य राज्यों को के लिए भी रकम अलॉट की गई है.

पश्चिम बंगाल के लिए 8,508.00 करोड़ रुपये, राजस्थान के लिए 7,581.87 करोड़ रुपये, तमिलनाडु के लिए 7,957.57 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश 7,707.21 करोड़ रुपये, बिहार के लिए 6,715.83 करोड़ रुपये, कर्नाटक 5,709.09 करोड़ रुपये और तेलंगाना के लिए 4,229.74 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसी तरह अन्य राज्यों को अलॉट की गई रकम मिलाकर कुल 92,550.17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.