Fertilizer Crisis: देश में खाद संकट की चुनौती बढ़ती जा रही है. वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं, कच्चे माल और प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतें तथा पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं. समुद्री मार्ग प्रभावित होने से उर्वरकों का आयात और घरेलू उत्पादन दोनों दबाव में हैं. भारत यूरिया, डीएपी और पोटाश की जरूरतों के लिए काफी हद तक विदेशों पर निर्भर है, जिससे वैश्विक आपूर्ति में कमी का असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है.
इसी बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी किसान को खाद और बीज की कमी का सामना न करना पड़े. रायपुर संभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खादृबीज उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने इसकी जिम्मेदारी संबंधित कलेक्टरों को सौंपी और कृषि अधिकारियों को नैनो यूरिया व नैनो डीएपी के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए.
किसानों को समय पर मिले खाद और बीज
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती का मौसम शुरू होने से पहले किसानों तक खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए ताकि किसी भी क्षेत्र में संकट की स्थिति उत्पन्न न हो. विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया. उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और उन्हें कृषि कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए.
नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को बढ़ावा
बैठक में मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत उर्वरकों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. किसानों को इन नई तकनीकों के प्रति जागरूक बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी बल दिया गया. सरकार का उद्देश्य खेती की लागत कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है.
अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने अवैध रेत उत्खनन के मामलों पर नाराजगी जताते हुए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अधिकारियों को नियमित निगरानी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि राजस्व हानि और पर्यावरणीय नुकसान को रोका जा सके.