किसानों को खाद-बीज देने में ढिलाई करने वाले अफसरों का वेतन रोकने के निर्देश, कृषि मंत्री खफा

fertilizers and seeds stocks: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों के हित में संचालित योजनाओं की प्रगति, खाद-बीज की उपलब्धता, फसल बीमा, सिंचाई व्यवस्था और आगामी खरीफ-2026 सीजन की तैयारियों पर निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जो बीज नहीं हैं उन्हें दूसरे राज्यों से मंगाएं अधिकारी.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 24 May, 2026 | 01:41 PM

उत्तर प्रदेश में किसानों को समय पर खाद और बीज की उपलब्धता नहीं कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं. राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समीक्षा बैठक में कहा कि जिन योजनाओं में पिछले वर्षों में प्रगति संतोषजनक नहीं रही है, उनके लिए अभी से ठोस रणनीति बनाकर तेजी से कार्य करें. उन्होंने कहा कि किसानों को खरीफ सीजन के लिए जरूरी वस्तुओं का स्टॉक मौजूद रखें.

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक की. उन्होंने किसानों के हित में संचालित योजनाओं की प्रगति, खाद-बीज की उपलब्धता, फसल बीमा, सिंचाई व्यवस्था एवं आगामी खरीफ-2026 सीजन की तैयारियों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि किसानों को जरूरत पड़ने वाली खाद और बीजों की उपलब्धता अधिकारी पक्की करें.

ढिलाई दिखाने पर वेतन रोकने के निर्देश

कृषि मंत्री ने निर्देश दिए गए कि किसानों को समय पर एवं उचित मात्रा में उर्वरक तथा बीज उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. अधिकारियों से कहा कि जिन योजनाओं में पिछले वर्षों में प्रगति संतोषजनक नहीं रही है, उनके लिए अभी से ठोस रणनीति बनाकर तेजी से कार्य किया जाए. यदि बीज निगम बिक्री केंद्रों पर समय से बीज उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा.

जो बीज उपलब्ध नहीं उन्हें दूसरे राज्यों से मंगाएं अधिकारी

कृषि मंत्री ने कहा कि जो बीज प्रदेश में उपलब्ध नहीं हैं, उनका प्रबंध अन्य राज्यों से तत्काल किया जाए तथा किसानों को ‘एट सोर्स सब्सिडी’ उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए. उन्होंने कहा कि औसत खपत के आधार पर वर्तमान में प्रदेश के 67 जनपदों में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है तथा शेष 08 जनपदों में भी मांग के अनुरूप आपूर्ति की जा रही है. योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा ‘दर्शन पोर्टल’ के जरिए लक्ष्यों की फीडिंग में तेजी लाने के निर्देश भी दिए.

राज्य में जरूरत से ज्यादा खाद का स्टॉक

उन्होंने कहा कि किसानों को खरीफ-2026 के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह कटिबद्ध है. वर्तमान में पिछले वर्ष की तुलना में प्रदेश में 3.61 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध है. 22 मई 2026 तक प्रदेश में यूरिया की कुल उपलब्धता 13.42 लाख मीट्रिक टन रही, जो किसानों की वर्तमान जरूरत के लिए पर्याप्त है. इसी प्रकार डीएपी की उपलब्धता भी पिछले वर्ष के 2.70 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष बढ़कर 5.17 लाख मीट्रिक टन हो गई है. यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी को मिलाकर कुल 28.13 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है.

सहकारिता विभाग के पास खाद बीज का पर्याप्त स्टॉक

उन्होंने कहा कि खाद वितरण में सहकारिता विभाग प्रभावी भूमिका निभा रहा है, जिसके पास वर्तमान में 5.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया एवं 2.84 लाख मीट्रिक टन डीएपी का सुरक्षित स्टॉक उपलब्ध है. खरीफ-2026 के लिए धान, उड़द, मूंग, अरहर और तिल सहित विभिन्न फसलों के लिए कुल 1,99,910 क्विंटल बीज वितरण का टारगेट तय किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 80,511 क्विंटल बीज की उपलब्धता पक्की की जा चुकी है.

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