266 रुपये वाली यूरिया 850 में बेच रहा था, किसान बन पहुंचे अफसरों की कार्रवाई देख भागा विक्रेता

कृषि विभाग की विशेष कार्रवाई के बाद किसानों को बड़ी राहत मिली है. जांच में खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आने पर यूरिया की 500 बोरियां जब्त कर ली गईं. यह यूरिया किसानों को वितरित की गई तो वे चहक उठे और कार्रवाई पर अधिकारियों की तारीफ की.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 9 Jun, 2026 | 07:23 PM

Urea Black Marketing: छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग की अनोखी कार्रवाई से किसानों को बड़ी राहत मिली है. विभाग के अधिकारियों ने किसान बनकर निजी खाद दुकानों का निरीक्षण किया और यूरिया की कालाबाजारी का पर्दाफाश किया. कालाबाजारी करने वाला विक्रेता छापेमारी देख भाग खड़ा हुआ. मौके से जब्त की 500 से बोरी से ज्यादा यूरिया खाद को किसानों के बीच वितरित किया गया तो किसान चहक उठे और लगातार कार्रवाई की मांग करते हुए अफसरों की तारीफ की.

किसान बनकर की जांच, 4 गुना ज्यादा दाम पर बेच रहा था खाद

कृषि विभाग को छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले जिले के विभिन्न क्षेत्रों से यूरिया खाद  की कालाबाजारी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. शिकायतों की सच्चाई जानने के लिए विभागीय अधिकारियों ने किसान बनकर निजी खाद दुकानों का निरीक्षण किया. जांच के दौरान एक दुकान में यूरिया निर्धारित सरकारी दर से कहीं अधिक कीमत पर बेचा जाता मिला. अधिकारियों ने पाया कि 266 रुपये प्रति बोरी की खाद किसानों को लगभग 850 रुपये में बेची जा रही थी. इसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खाद को जब्त कर लिया.

जब्त खाद किसानों के हित में किया गया वितरित

कार्रवाई के बाद जब्त किए गए यूरिया को किसानों  तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया. कृषि विभाग ने मंगलवार को 500 बोरी यूरिया सरकारी दर पर किसानों को उपलब्ध कराया. वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे और निर्धारित मूल्य पर खाद प्राप्त की. किसानों ने कहा कि बाजार में खाद महंगी मिलने के कारण उन्हें खेती की लागत बढ़ने की चिंता थी, लेकिन सरकारी दर पर खाद मिलने से राहत मिली है.

वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए नारायण चंदेल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूरिया वितरण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल भी शामिल हुए. उन्होंने किसानों को खाद वितरित  करते हुए कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर कृषि सामग्री उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने विभागीय कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए ताकि किसानों का शोषण न हो.

कालाबाजारी पर जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कृषि विभाग के उपसंचालक राकेश शर्मा ने बताया कि जिले में खाद की उपलब्धता और बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़ी किसी भी शिकायत को गंभीरता  से लिया जाएगा और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध हो सके. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी निजी दुकानों की जांच अभियान जारी रहेगा.

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Published: 9 Jun, 2026 | 07:22 PM

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