62 करोड़ मुआवजे को अफसरों ने 62 लाख किया..10 साल से धरना, विधानसभा में किसान ने फंदा लगाया

Karnataka sandalwood farmer attempts suicide: कर्नाटक विधानसभा के बाहर चंदन किसान ने चंदन के पेड़ पर अपने गमछे से फंदा लगा लिया. किसान 10 साल से 62 करोड़ मुआवजे के लिए चक्कर काट रहा है. आरोप है कि अफसरों ने 62 करोड़ रुपये मुआवजे को बाद में घटाकर कागजों में 62 लाख कर दिया.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 9 Jun, 2026 | 09:20 PM

कर्नाटक में उस समय हड़कंप मच गया जब विधानसभा के बाहर पेड़ पर किसान ने फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. किसान पेड़ पर चढ़ा और अपने गमछे को पेड़ की शाखा में बांधकर गले में फंदा डाल लिया. इससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे पेड़ से उतारा. पीड़ित किसान सरकार और अधिकारियों को ध्यान दिलाने के लिए पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन कर चुका है. पिछली बार विधानसभा में लगे चंदन के पड़े को भी विरोध स्वरूप उसने काट दिया था.

हाईवे में गई जमीन के मुआवजे का मामला

कर्नाटक के चिकमगलूर जिले में चंदन की खेती करने वाले किसान विश्वकुमार ने मंगलवार को बेंगलुरु में विधानसभा के पास आत्महत्या करने की कोशिश की. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार किसान नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट के लिए ली गई अपनी जमीन के मुआवजे की मांग कर रहा था. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे नीचे उतरने के लिए मनाया और बाद में उसे हिरासत में ले लिया गया और पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

62 करोड़ का मुआवजा अधिकारियों ने 62 लाख किया

पीटीआई के अनुसार किसान विश्वकुमार ने कहा कि 2016 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने हाईवे के विस्तार प्रोजेक्ट के लिए उसकी लगभग 1.5 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था. उसने आरोप लगाया कि वह अधिग्रहित जमीन और उस पर लगे चंदन के पेड़ों के लिए लगभग 62 करोड़ रुपये के मुआवजे का हकदार है. हालांकि, उसने दावा किया कि वन विभाग की ओर से की गई मूल्यांकन रिपोर्ट में अफसरों ने मुआवजे की रकम घटाकर सिर्फ 62 लाख रुपये कर दी, जिससे लंबा विवाद हुआ और भुगतान नहीं किया गया.

10 साल से परेशान किसान बोला- आकिर कब तक अफसरों के चक्कर काटूं

किसान विश्वकुमार ने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों से अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद मुआवजे की रकम जारी नहीं की गई है. पुलिस की कस्टडी के दौरान मीडिया से बात करते हुए किसान ने कहा कि अधिकारियों ने करोड़ों रुपये के मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन एक रुपया भी जारी नहीं किया गया. पहले उन्होंने कई आश्वासन दिए थे, लेकिन अब कोई ठीक से जवाब भी नहीं दे रहा है. मैं कब तक इंतजार करता रहूं?

Karnataka sandalwood farmer attempts suicide

किसान को पुलिस ने सही सलामत पेड़ से उतारा.

पिछले विरोध में विधानसभा में लगा चंदन का पेड़ा काटा था

किसान ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उसने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया है. दो साल पहले उसने अपनी मांग की ओर सरकार का ध्यान खींचने के लिए विधानसभा के पीछे खड़ा चंदन का एक पेड़ काट दिया था. मुआवजे के भुगतान में देरी और मूल्यांकन में कथित खामियों को जिम्मेदार ठहराते हुए विश्वकुमार ने कहा कि उसे यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा. अधिकारियों ने अभी तक उसे मुआवजा जारी करने के बारे में कोई जवाब नहीं दिया है.

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Published: 9 Jun, 2026 | 08:32 PM

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