उत्तर प्रदेश सरकार ने खेत की मिट्टी की मुफ्त जांच करने का अभियान शुरू किया है. इसके तहत राज्य के 75 जिलों में किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच की जा रही है और मिट्टी में पाई जाने वाली कमियों को दूर करने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं. कृषि विभाग की टीमें किसानों के खेतों तक पहुंच रही हैं और मिट्टी की जांच की जा रही है. वहीं, किसानों से कहा गया है कि वह खुद भी अपने खेत की मिट्टी लेकर नजदीकी कृषि उप निदेशक या कृषि विज्ञान केंद्र जाकर जांच करा सकते हैं.
बुंदेलखंड समेत अन्य रीजन में भी मिट्टी जांच अभियान शुरू
खरीफ सीजन से पहले उत्तर प्रदेश कृषि विभाग खेतों की उर्वरा शक्ति को मजबूत करने के इरादे से मिट्टी की जांच के लिए अभियान चला रहा है. इसके तहत कई लाख किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच की जा रही है. बुंदेलखंड के गांवों में किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच प्रक्रिया तेजी से चल रही है. इसके साथ ही पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में भी मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि खरीफ बुवाई से पहले खेत की सेहत का पता चलना कृषि लागत को कम करेगा और उत्पादन को बढ़ाएगा.
हमीरपुर जिले से 14 हजार मिट्टी नमूने लिए गए
बुंदेलखंड क्षेत्र के हमीरपुर में 14,000 मिट्टी नमूनों की जांच की जा रही है और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए जा रहे हैं. बुंदेलखंड के हमीरपुर जनपद में किसानों की खेती को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर मृदा परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. जिले के सातों ब्लॉकों से लगभग 14,000 मिट्टी के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं, जिनका परीक्षण प्रयोगशालाओं में किया जाएगा.
मिट्टी की जांच के बाद मिलेंगे मृदा स्वास्थ्य कार्ड
हमीरपुर के उपनिदेशक कृषि प्रमोद कुमार ने बताया कि इस वर्ष सभी नमूनों की जांच निशुल्क की जा रही है और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी दिए जाएंगे. पिछले वर्ष भी लगभग 7,000 किसानों को यह कार्ड उपलब्ध कराए गए थे. मृदा स्वास्थ्य कार्ड में खेत की सेहत का लेखाजोखा होगा और उसमें बताया जाएगा कि खेत में क्या कमी है और वह कैसे दूर होगी. उन्होंने कहा कि किसान स्वयं भी अपने खेत की मिट्टी का परीक्षण करा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें नाममात्र शुल्क देना होगा. कृषि अधिकारियों की देखरेख में नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं.

हमीरपुर जिले में मिट्टी जांच करते कृषि वैज्ञानिक.