गांवों में डेयरी फार्मिंग अब सिर्फ गुजर-बसर का जरिया नहीं, बल्कि मुनाफे का पक्का बिजनेस बन चुका है. 

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लेकिन इस बिजनेस की नींव उसी दिन पड़ जाती है, जिस दिन आप गाय या भैंस खरीदते हैं. 

एक सही फैसला आपको सालों तक फायदा दिला सकता है, जबकि एक छोटी सी गलती पूरे निवेश को डुबो सकती है.

दुधारू पशु खरीदते समय उसकी नस्ल पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए. सही नस्ल चुनने से उत्पादन बेहतर रहता है.

ऐसा पशु जो 2 बार ब्यांत दे चुका हो, दूध उत्पादन के लिहाज से सबसे उपयुक्त माना जाता है. 

पशु की सही उम्र जानने के लिए उसके दांत सबसे भरोसेमंद संकेत होते हैं. उम्र ज्यादा होने पर दूध उत्पादन घटता है.

स्वस्थ पशु हमेशा चुस्त-दुरुस्त, एक्टिव और चमकदार चमड़ी वाला होता है. अगर पशु सुस्त दिखे तो खरीदने से बचें. 

दुधारू पशु का थन नरम, संतुलित और सामान्य आकार का होना चाहिए. स्वस्थ थन का मतलब बेहतर दूध उत्पादन.

पशु का पिछला हिस्सा थोड़ा चौड़ा और मजबूत होना चाहिए. इससे दूध देने की क्षमता अच्छी मानी जाती है. 

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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