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इसी सवाल का जवाब देते हुए प्रेमानंद महाराज जी ने ऐसा उपाय बताया है, जिसे अपनाकर इंसान अपना जीवन बदल सकता है.
महाराज जी के अनुसार इंसान चाह ले तो अपना भाग्य बदल सकता है. इसके लिए नियमित साधना की जरूरत होती है.
महाराज जी कहते हैं कि तप (संयम और अनुशासन) से ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है जो प्राप्त न किया जा सके.
उन्होंने बताया कि ज्यादा कठिन साधना न कर सकें, तो कम से कम महीने में दो व्रत जरूर रखें.
हर महीने आने वाली एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को प्रसन्न करता है. श्रद्धा से किया गया व्रत जीवन की दिशा बदलता है.
महाराज जी कहते हैं कि सच्चे मन से नाम जप करने से धन, यश, पद, सुख और अच्छा परिवार सब कुछ प्राप्त हो सकता है.
अगर इंसान भजन और तप नहीं करता, तो उसे सिर्फ वही मिलता है जो पहले से भाग्य में लिखा होता है.
एकादशी का उपवास करने से मन शांत रहता है, नकारात्मक विचार कम होते हैं और इंद्रियों पर नियंत्रण बढ़ता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.