Image Source: Canva
Editor - Isha Gupta
त्योहारों और आम दिनों में मीट के लिए बकरों का बाजार गर्म रहता है, जिससे नियमित आय होती है.
त्योहारों में मांग
कुछ पशुपालक त्योहार के एक महीने में ही सालभर का खर्च निकाल लेते हैं, जिससे यह लाभदायक बनता है.
लाभदायक बिजनेस
खाड़ी देशों में भारतीय बकरे का मीट काफी पसंद किया जा रहा है, जिससे एक्सपोर्ट का मौका मिल रहा है.
खाड़ी देशों में
CIRG द्वारा तैयार ऑर्गेनिक चारा अब बकरे के मीट को केमिकल-फ्री बनाता है, जिससे एक्सपोर्ट आसान हुआ है.
केमिकल-फ्री मीट
मीट के लिए बरबरी, जमनापरी, जखराना, ब्लैक बंगाल जैसी नस्लें सबसे ज्यादा फायदेमंद मानी जाती हैं.
मीट के लिए
इन नस्लों से मीट के साथ-साथ कुछ मामलों में दूध भी मिल सकता है, जिससे दोहरी कमाई होती है.
मीट के साथ-साथ दूध
मुनाफे के लिए बकरा पालन को प्रोफेशनल तरीके से करना जरूरी है, जिसमें ट्रेनिंग का अहम रोल है.
बकरा पालन
सही नस्ल, सही चारा और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के साथ बकरा पालन एक मजबूत आर्थिक विकल्प बन सकता है.
Source: Google
सही नस्ल, सही चारा