क्या आप भी केला खाने के बाद उसका छिलका सीधे कूड़ेदान में फेंक देते हैं? अगर हां, तो अब रुक जाइए. 

Photo Credit: Canva

यही साधारण सा छिलका आपके पौधों के लिए नेचुरल सुपरफूड साबित हो सकता है.

केले के छिलकों में पोटेशियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस भरपूर मात्रा में होते हैं, जो पौधों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं.

इसमें मौजूद मिनरल्स पौधों की जड़ों को मजबूत करते हैं, जिससे पौधे मिट्टी से ज्यादा पोषण अवशोषित कर पाते हैं.

गुलाब, गुड़हल, मनी प्लांट और सब्जियों के पौधों में इसका असर तेजी से नजर आता है. 

छिलकों को पानी में 3 दिन भिगोकर घोल तैयार कर लें. इसे छानकर बराबर पानी मिलाकर हफ्ते में एक बार डालें.

समय कम हो तो छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर गमले की मिट्टी में दबा दें. यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ा देता है.

धूप में सुखाकर छिलकों का पाउडर बनाया जा सकता है. यह स्टोर करके रखा जा सकता है.

छिलके गलने के बाद मिट्टी को नरम और जैविक रूप से समृद्ध बनाते हैं, जिससे पौधों की ग्रोथ बेहतर होती है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

Next: बकरी पालकों के लिए अलर्ट! ये एक चूक बर्बाद कर देगी पूरा झूंड