फरवरी-मार्च के महीने में सदाबहार पौधों की सही देखभाल जैसे कटाई, खाद और सिंचाई बेहद जरूरी है. 

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सर्दियों के बाद लंबी, कमजोर या सूखी टहनियों को हल्के से ट्रिम करें. हार्ड प्रूनिंग से बचें. 

हल्की छंटाई से पौधा नई शाखाएं निकालता है और घना व मजबूत बनता है, जिससे फूलों की संख्या बढ़ती है.

कटाई के बाद पौधे को नई ग्रोथ और अधिक फूलों के लिए पोषण देना जरूरी है. 

इसके लिए गमले में 1-2 मुट्ठी सड़ी हुई गोबर की खाद, वर्मीकम्पोस्ट या सरसों खली की खाद डालें.

महीने में एक बार जैविक लिक्विड फर्टिलाइजर दें. यह गोबर या सब्जियों के छिलकों से तैयार किया जा सकता है. 

सदाबहार पौधे को रोजाना कम से कम 5-6 घंटे की सीधी धूप चाहिए. पर्याप्त धूप मिलने से पत्तियां हरी-भरी रहती हैं.

मिट्टी पूरी तरह सूखने के बाद ही पानी दें. ओवरवॉटरिंग से जड़ें सड़ सकती हैं. गमले में ड्रेनेज होल हमेशा खुला रखें.

फरवरी-मार्च में सही देखभाल के साथ कुछ ही दिनों में नई कोपलें निकलती हैं. पौधा धीरे-धीरे घना और मजबूत बनता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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