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शुरुआत में फर्क नजर नहीं आता, पर समय के साथ इंजन, डीजल खर्च और संतुलन से जुड़ी समस्याएं सामने आने लगती हैं.
बड़े टायर घुमाने के लिए इंजन को ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है. इसका सीधा असर डीजल खपत पर पड़ता है.
जरूरत से बड़े टायर इंजन पर अनावश्यक लोड डालते हैं. इससे इंजन जल्दी गर्म होता है और घिसावट बढ़ती है.
लगातार ज्यादा मेहनत करने से इंजन जल्दी खराब होने लगता है. कई बार समय से पहले महंगे रिपेयर की नौबत आ जाती है.
बड़े टायर लगाने से टायर और मडगार्ड के बीच जगह कम हो जाती है. गीली मिट्टी या कीचड़ में यह जगह जल्दी भर जाती है.
बड़े साइज के टायर न सिर्फ महंगे होते हैं, बल्कि इनके रिपेयर और रिप्लेसमेंट का खर्च भी ज्यादा आता है.
असंतुलित ट्रैक्टर चलाते समय पलटने या बैलेंस खोने का जोखिम बढ़ जाता है. इससे चालक की जान भी खतरे में पड़ सकती है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.