55 लाख हेक्टेयर सूखा क्षेत्र में सिंचाई सुविधा पहुंची, गाय पालकों को 10 लाख रुपये देने की योजना शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. शासकीय गौ-शालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया है. वहीं, गाय पालकों के लिए 10 लाख रुपये मदद देने की शुरुआत की गई है.
खेती को आसान बनाएंगे सही टायर, जानें ट्रैक्टर के लिए किस जमीन पर कौन सा टायर सही
ट्रैक्टर का सही टायर चुनना बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि खेत की मिट्टी कैसी है, ट्रैक्टर का आकार क्या है और किसान किस तरह का काम ज्यादा करते हैं. भारत में ट्रैक्टर टायर कई अलग-अलग साइज, डिजाइन और कीमत में उपलब्ध होते हैं, ताकि हर तरह की खेती और जमीन के अनुसार उन्हें चुना जा सके.
Jaivik Khad: मुफ्त का फॉर्मूला, दमदार असर! गोबर-गोमूत्र से तैयार टॉनिक बनेगा फसल का रक्षक
रासायनिक खाद के बढ़ते खर्च के बीच किसान अब गोबर और गोमूत्र से बने पंचगव्य को अपना रहे हैं. यह देसी जैविक टॉनिक घर पर आसानी से तैयार हो जाता है. इसके उपयोग से फसल की बढ़वार तेज होती है, मिट्टी की सेहत सुधरती है और लागत कम होती है.
Artificial Insemination: क्यों जरूरी है गायों में कृत्रिम गर्भाधान? जानिए हीट के लक्षण और सही समय
गायों में गर्भधारण न होना दूध उत्पादन और आय पर सीधा असर डालता है. सही समय पर कृत्रिम गर्भाधान, बेहतर नस्ल और ज्यादा दूध का रास्ता खोल सकता है. हीट के लक्षण पहचानकर तय समय पर प्रक्रिया कराई जाए तो सफलता की संभावना बढ़ती है और पशुपालकों को अच्छा फायदा मिलता है.