अब तक खाद सब्सिडी के बिल मैन्युअल तरीके से तैयार होते थे. फाइलें एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर तक घूमती थीं, जिससे भुगतान में महीनों की देरी हो जाती थी. नए ई-बिल सिस्टम के लागू होने से यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है. अब बिलों की कोई फिजिकल मूवमेंट नहीं होगी और पूरा काम ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा.
पूजा पाल के धूल रहित गेहूं थ्रेसर मॉडल पर ICAR ने दिखाई रुचि, सांस संबंधी बीमारियों से बचेंगे किसान
बाल वैज्ञानिक पूजा पाल ने कहा कि उनके थ्रेसर मॉडल को सराहना मिली है और उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया गया है. डीएम समेत जिले के अधिकारियों ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है. पूजा ने कहा कि यह मॉडल बनाने का मकसद किसानों को धूल से होने वाली परेशानी से बचाना है.
गांव में रहकर कमाई का बड़ा मौका, पशुपालन पर सरकार दे रही है 50 फीसदी तक सीधी सब्सिडी
गांव में रहकर खुद का काम शुरू करने वालों के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन बड़ी राहत बनकर आया है. इस योजना के तहत पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार 50 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है. इससे ग्रामीण युवा, किसान और महिलाएं कम खर्च में स्थायी कमाई का जरिया बना सकते हैं.
खाद सब्सिडी भुगतान में डिजिटल क्रांति, केंद्र ने लॉन्च किया ई-बिल प्लेटफॉर्म…जानिए इसके फायदे
अब तक खाद सब्सिडी के बिल मैन्युअल तरीके से तैयार होते थे. फाइलें एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर तक घूमती थीं, जिससे भुगतान में महीनों की देरी हो जाती थी. नए ई-बिल सिस्टम के लागू होने से यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है. अब बिलों की कोई फिजिकल मूवमेंट नहीं होगी और पूरा काम ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा.