डेयरी समितियों में पशुओं को मुफ्त इलाज और टीकाकरण शुरू, पशुधन नुकसान से बच पा रहे किसान
Dairy Farming: भारत में डेयरी कोऑपरेटिव किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी मदद बनकर उभरे हैं. इनके जरिए किसानों को पशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण और विशेषज्ञों की सलाह मिलती है. स्वस्थ पशुओं से दूध उत्पादन बढ़ता है, जिससे किसानों की आय में भी इजाफा होता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है.
मखाना बोर्ड पर राहुल गांधी के सवाल पर सरकार की खुल गई पोल, दलहन-कपास के दावों पर आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
राहुल गांधी ने कहा कि बड़े शोर-शराबे से घोषित मखाना बोर्ड की हालत भी अन्य योजनाओं की तरह खराब है. वादे की रकम का लगभग 5 फीसदी ही जारी किया गया है और अब तक बोर्ड का स्थान तक तय नहीं हुआ. वहीं, कपास उत्पादन में गिरावट को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा है.
किसान को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में लेक्चर देने का आया न्योता, 3 हजार रुपये से शुरू किया था पोल्ट्री फार्म
पोल्ट्री किसान रवींद्र माणिकराव ने अपने पोल्ट्री फार्मिंग की शुरुआत साल 1984 में अपने घर की छत से की थी, जब वे जूनियर कॉलेज में ही पढ़ाई कर रहे थे. उन्होंने यह काम अपने पिता से 3,000 रुपये लेकर शुरू किया था. उस समय उनके इस छोटे से पोल्ट्री फार्म में केवल 100 मुर्गियां थीं. आज उनके फार्म में 1.80 लाख मुर्गियां हैं और 50 एकड़ में फार्म फैला है. जिससे सालाना टर्नओवर 15 करोड़ रुपये है.