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सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह पशु की सेहत और दूध दोनों सुधार सकता है.
ज्यादा दाना, खल या साइलेज खाने से पशुओं के पेट में एसिड बढ़ जाता है. ऐसे में मीठा सोडा पेट के पीएच बैलेंस करता है.
अगर पशु का पेट फूल गया हो या बेचैनी दिखे, तो मीठा सोडा गैस बनने की प्रक्रिया को कम कर जल्दी आराम पहुंचाता है.
जब पेट शांत रहता है, तो पशु अच्छे से जुगाली करता है. बेहतर जुगाली का मतलब बेहतर पाचन और ज्यादा ताकत.
पाचन सही होने पर पशु चाव से चारा खाता है. इससे उसकी सेहत सुधरती है और कमजोरी दूर होती है.
विशेषज्ञों के अनुसार सही पाचन वाले पशुओं में दूध देने की क्षमता 10–15% तक बढ़ सकती है.
पेट में ज्यादा एसिड होने से दूध का फैट घट जाता है. मीठा सोडा रूमेन को संतुलित रखकर दूध की क्वालिटी सुधारता है.
मीठा सोडा दवा की तरह दें, आहार की तरह नहीं. ज्यादा या लगातार महीनों तक देने से नुकसान हो सकता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.