Photo Credit: Canva
लेकिन हैरानी की बात ये है कि इसका एक आसान और देसी उपाय आपकी रसोई में ही मौजूद है.
थनैला रोग बिना बताए आता है. शुरू में दूध में गांठें, बदबू या रंग बदलना इसके शुरुआती संकेत होते हैं.
इस बीमारी की वजह से थन सख्त हो जाते हैं और पशु दर्द की वजह से दूध नहीं निकालने देता.
ऐसे में बार-बार एंटीबायोटिक लगाने से पशु कमजोर हो जाता है और दूध की क्वालिटी भी गिर जाती है.
250 ग्राम नींबू का रस थनैला में रामबाण साबित हो सकता है. इसमें मौजूद विटामिन-C संक्रमण से लड़ने में मददगार है.
अगर थनैला की वजह से दूध में खून दिख रहा है, तो नींबू का रस थनों की अंदरूनी सूजन कम कर उसे रोकने में कारगर है.
रोज 250 ग्राम ताजा नींबू का रस निकालें और सीधे या गुड़-चीनी वाले पानी में मिलाकर पशु को पिलाएं.
इलाज शुरू करने के 24 घंटे के अंदर ही थनों की सूजन घटने लगती है और दूध का बहाव धीरे-धीरे सामान्य होने लगता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.