क्या आप भी खेती के साथ कोई ऐसा काम चाहते हैं, जिसमें रोज की आमदनी हो और खर्च कम पड़े? 

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अगर हां, तो बकरी–मुर्गी पालन का संयुक्त मॉडल आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है. 

बकरी और मुर्गी को साथ पालने से किसान को दूध, अंडे, मांस और खाद—चारों तरह से आमदनी मिलती है. 

बकरियों का बचा हुआ चारा मुर्गियां खा लेती हैं, जिससे मुर्गियों के लिए अलग से दाना खरीदने की जरूरत कम हो जाती है. 

अलग-अलग शेड बनाने की बजाय एक साझा शेड बनाकर बीच में जाली लगाना ज्यादा फायदेमंद होता है.

मुर्गियां जमीन पर गिरे दाने और कीड़े चुन लेती हैं, जिससे शेड साफ रहता है. इससे बीमारी का खतरा भी घटता है.

बकरियों की मेंगनी से बेहतरीन जैविक खाद तैयार होती है. इसी खाद से अजोला उगाकर पशुओं का पोषण किया जा सकता है.

मुर्गियों के अंडे रोज बिकते हैं, जिससे किसान के पास लगातार नकद पैसा आता रहता है. 

बकरी से दूध, बच्चे और खाद, तीनों का लाभ मिलता है. दूध और खाद से नियमित कमाई होती है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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