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लेकिन बढ़ते खर्च के बीच सस्ता चारा ढूंढना बड़ी चुनौती है. ऐसे में एजोला किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है.
एजोला को बरसीम या सूखे भूसे के साथ खिलाने से 10–15 दिनों में दूध उत्पादन में साफ बढ़ोतरी देखने को मिलती है.
एजोला तालाब, झील या गड्ढों के ठहरे पानी में खुद ही उग जाता है, जिससे किसानों को इसे उगाने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती.
इसमें प्रोटीन, फाइबर और जरूरी मिनरल्स भरपूर होते हैं, जो दुधारू पशुओं की सेहत और पाचन शक्ति को मजबूत बनाते हैं.
मछलियों को एजोला खिलाने से उनका वजन तेजी से बढ़ता है और उत्पादन में भी इजाफा होता है, जिससे मुनाफा बढ़ता है.
मुर्गियों को एजोला फीड देने से अंडों की क्वालिटी सुधरती है, जिससे बाजार में बेहतर दाम मिलते हैं.
वेटरनरी विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ पशु को रोजाना 2 से 2.5 किलो एजोला देना लाभकारी माना जाता है.
एजोला में मौजूद आयरन और बोरॉन जैसे तत्व पशुओं की इम्युनिटी बढ़ाते हैं और बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.