महाशिवरात्रि का व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के साथ संतुलन बनाकर करना भी जरूरी है. 

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हर भक्त के लिए ये व्रत सुरक्षित नहीं होता. कुछ विशेष परिस्थितियों में केवल पूजा भी शिव की कृपा दिला सकता है.

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं कठिन उपवास न रखें, बल्कि फलाहार या बिना नमक वाला हल्का भोजन करें. 

डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट, किडनी या अन्य गंभीर रोग से पीड़ित लोग व्रत न रखें. व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लें.

बुजुर्गों के लिए कठोर उपवास जोखिमपूर्ण हो सकता है. वे केवल पूजा, मंत्र जाप और सात्विक भोजन कर सकते हैं.

मासिक धर्म के दौरान पूजा न करें. लेकिन व्रत रख सकती हैं. शिवलिंग को छुए बिना जप कर सकती हैं.

व्रत न रख पाने की स्थिति में मानसिक जप, ध्यान और भक्ति के माध्यम से भी शिवभक्ति पूरी की जा सकती है.

महाशिवरात्रि व्रत करते समय स्वास्थ्य का ध्यान रखें. कठिन व्रत का प्रयास तभी करें जब शरीर पूरी तरह सक्षम हों.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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