गोट फार्मिंग बिजनेस आज छोटे और बड़े दोनों तरह के किसानों के लिए मुनाफे का सुनहरा अवसर बन चुका है.

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सही देखभाल और पोषण के साथ बकरियों से उच्च गुणवत्ता वाला दूध और बकरों से मांस भी प्राप्त किया जा सकता है.

बकरी के बच्चों के जन्म के पहले 4-5 दिनों में खीस देना जरूरी है. मां से अलग करने के बाद दिन में 2-3 बार दूध पिलाएं.

छोटे बच्चों को स्टार्टर आहार, खनिज मिश्रण और हरे चारे जैसे जई, मटर, बरसीम, लोबिया देना फायदेमंद होता है.

गर्भवती बकरियों को आहार में पौष्टिकता बनाए रखना जरूरी है. गर्भकाल के अंतिम चरण में अतिरिक्त पोषक तत्व दें.

दूध देने वाली बकरियों को उनके शरीर के वजन, दूध की मात्रा, मौसम और चारे की क्वालिटी के अनुसार आहार दें.

बकरियों को 150 ग्राम दाना मिश्रण रोज दें और दूध उत्पादन के हिसाब से 3-4 सौ ग्राम दाना प्रति लीटर दूध देना फायदेमंद है. 

गोट फार्मिंग में खुरपका, मुंहपका और फड़किया जैसी बीमारियों का खतरा होता है. समय-समय पर टीकाकरण जरूर कराएं.

वयस्क बकरे-बकरियां कड़ा और रेशेदार चारा अच्छी तरह खा सकते हैं, लेकिन मांस और दूध के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा दें.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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