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सही जानकारी और समय पर देखभाल से इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है.
हरा चारा कम और सूखा चारा ज्यादा देने से पाचन बिगड़ता है. अचानक आहार बदलना पेट फूलने की वजह बनता है.
ठंड में कई बार बकरियों को बासी चारा या ठंडा पानी पिला दिया जाता है, जिससे गैस बनने लगती है और पेट फूल जाता है.
खुली और ठंडी हवा में रहने से बकरी का पाचन तंत्र कमजोर पड़ता है, जिससे पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं.
सर्दियों में बकरियां कम चलती-फिरती हैं, जिससे उनका पाचन धीमा हो जाता है और गैस जमा होने लगती है.
अगर बकरी सुस्त हो जाए, खाना कम कर दे या पेट सख्त और फूला हुआ लगे, तो इसे हल्के में न लें.
शुरुआत में हल्की मालिश और अजवायन का गुनगुना पानी देने से पेट फूलने में राहत मिल सकती है.
पेट फूलने पर बकरी को तुरंत ठंडी हवा से बचाकर गर्म और सूखी जगह पर रखें, इससे स्थिति बिगड़ने से रुकती है.
अगर पेट ज्यादा फूल जाए या बकरी को सांस लेने में दिक्कत हो, तो बिना देर किए पशु चिकित्सक से संपर्क करें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.