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खासकर बकरी पालन उन लोगों के लिए वरदान है, जो कम पूंजी में कुछ बड़ा करना चाहते हैं.
सही नस्ल चुन ली जाए, तो बकरी का दूध और उससे होने वाली कमाई कई बड़े पशुओं को भी पीछे छोड़ सकती है.
बीटल बकरी रोजाना औसतन 2 से 3 लीटर तक दूध देती है, जो घरेलू जरूरत और बाजार दोनों के लिए काफी होता है.
आकार में छोटी होने के बावजूद यह बकरी दूध उत्पादन के मामले में चौंकाने वाला प्रदर्शन करती है.
यह नस्ल खुले चरागाह में चरकर और सामान्य हरे-सूखे चारे पर भी बढ़िया दूध देती है, जिससे चारे का खर्च कम रहता है.
साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और संतुलित आहार देने से बीटल बकरी लंबे समय तक स्वस्थ रहती है.
12 से 18 महीने की उम्र में यह बकरी बच्चे देने लगती है, जिससे झुंड जल्दी बढ़ता है और कारोबार फैलता है.
बकरी का गोबर जैविक खाद के रूप में काम आता है, जबकि बच्चे बड़े होने पर मांस के लिए भी अच्छी कीमत मिलती है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.