बर्ड फ्लू का नाम सुनते ही लोग चिकन और अंडे से दूरी बना लेते हैं, लेकिन क्या वाकई डरने की जरूरत है? 

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पशुपालन विभाग का कहना है कि घबराहट नहीं, बल्कि समझदारी जरूरी है. सही सावधानी से आप सुरक्षित रह सकते हैं.

बर्ड फ्लू एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से मुर्गियों और अन्य पक्षियों को प्रभावित करती है.

जंगली जल पक्षियों से घरेलू मुर्गियों में ये संक्रमण तेजी से फैलता है.

संक्रमित पक्षी की बीट, पंख या नाक-मुंह के स्राव के संपर्क से बीमारी फैलती है.

बीमार या मरे हुए पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा बढ़ता है.

70°C तापमान पर वायरस खत्म हो जाता है, इसलिए अच्छी तरह पका खाना सुरक्षित है.

बाड़े की रोजाना सफाई, कीटाणुनाशक छिड़काव और बाहरी लोगों की एंट्री बंद रखें.

अचानक मौत, अंडा कम होना, आंख-सिर में सूजन और कलगी का नीला पड़ना चेतावनी है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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