बदलते मौसम में दुधारू पशुओं में बहुत सी खतरनाक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. 

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समय पर सावधानी न बरती जाए, तो इसका सीधा नुकसान दूध उत्पादन और पशुपालक की कमाई पर पड़ता है.

तापमान और नमी में बदलाव से पशुओं की इम्युनिटी घट जाती है, जिससे वायरल बीमारियां तेजी से फैलने लगती हैं.

यह एक गंभीर वायरल रोग है, जो  तेजी से एक पशु से दूसरे पशु में फैलता है और पूरे पशुशाला को चपेट में ले सकता है.

बीमारी में पशु को तेज बुखार आता है, मुंह और खुरों में छाले पड़ते हैं, जिससे चलना-फिरना और खाना मुश्किल हो जाता है.

संक्रमित पशु के मुंह से लार बहने लगती है, वह जुगाली छोड़ देता है और धीरे-धीरे बेहद कमजोर हो जाता है.

इस बीमारी का सबसे बड़ा नुकसान दूध पर पड़ता है. कई बार पशु ठीक होने के बाद भी पहले जितना दूध नहीं दे पाता.

अगर पशु गर्भवती हो, तो खुरपका-मुंहपका के कारण गर्भ गिरने का भी गंभीर खतरा रहता है.

बीमारी फैलने के बाद इलाज महंगा और लंबा होता है, इसलिए शुरुआत में ही सावधानी सबसे बेहतर उपाय है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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