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इसकी वजह हमारी रोजमर्रा की कुछ आम गलतियां होती हैं, जिन्हें सुधारते ही दूध अपने-आप बढ़ने लगता है.
दूध का ज्यादातर हिस्सा पानी से बना होता है. अगर भैंस भरपूर पानी नहीं पीती, तो दूध अपने-आप कम हो जाता है.
दिन में गिनती के समय पानी पिलाने से बेहतर है कि साफ पानी हर वक्त उपलब्ध रहे, ताकि भैंस जरूरत के अनुसार पी सके.
बाल्टी या हौद अगर गंदा होगा तो भैंस पानी कम पिएगी और बीमार भी पड़ सकती है, जिसका सीधा असर दूध पर पड़ता है.
भैंस चाहे कितना भी चारा खाए, पेट में कीड़े होने पर पोषण शरीर तक नहीं पहुंचता और दूध घट जाता है.
हर तीन महीने में पेट के कीड़ों की दवा देना दूध उत्पादन बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी निवेश माना जाता है.
दूध के साथ कैल्शियम भी शरीर से निकलता है. इसकी कमी से भैंस कमजोर होती है और दूध कम देने लगती है.
अच्छी क्वालिटी का कैल्शियम और मिनरल मिक्सचर दाने में मिलाने से भैंस की ताकत और दूध दोनों बढ़ते हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.