Photo Credit: Canva
ये गायें कम चारे में पल जाती हैं, बीमारियां कम होती हैं और इनके दूध में फैट भी शानदार मिलता है.
देसी गायें कम देखभाल में भी अच्छी तरह पल जाती हैं. ये स्थानीय मौसम में जल्दी ढल जाती हैं.
गाओलाओ गाय: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की यह नस्ल एक ब्यांत में 470–725 लीटर दूध देती है.
छत्तीसगढ़ की कोसली गाय आकार में छोटी होती है, लेकिन दूध में लगभग 4.5% फैट देती है.
कोंकण कपिला: यह नस्ल गर्म इलाकों में आसानी से पलती है. एक ब्यांत में 400–500 लीटर दूध देती है.
घुमुसारी गाय: ओडिशा की यह गाय 450–650 लीटर दूध देती है. इसके दूध में 4.8–5% तक वसा होती है.
कृष्णा वैली: कर्नाटक की यह नस्ल लगभग हर जलवायु में ढल जाती है. ये एक ब्यांत में 400–700 लीटर दूध देती है.
इन देसी नस्लों को महंगे फीड की जरूरत नहीं होती. साधारण चारे में भी ये अच्छा दूध उत्पादन देती हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.