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मौसम बदलना, कमजोरी, गर्भावस्था के बाद देखभाल न होना और चारे में संतुलन की कमी से दूध कम हो सकता है.
गेहूं का आटा तत्काल ऊर्जा देता है, जबकि सरसों का तेल शरीर को ताकत और पाचन में मदद करता है.
दोनों मिलकर पशु को अतिरिक्त पोषण देते हैं और दूध की मात्रा बढ़ाने में सहायक होते हैं.
सिर्फ आटा और तेल देना ही पर्याप्त नहीं है. इन्हें सही समय और संतुलित मात्रा में देना जरूरी है.
शाम को पशु को चारा-पानी देने के बाद 250 ग्राम आटा और 250 ग्राम सरसों का तेल धीरे-धीरे खिलाएं.
स्वस्थ पशु में लगातार एक हफ्ते तक यह मिश्रण देने पर दूध की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ने लगती है.
अगर पशु बीमार है या दूध अचानक बहुत कम हो गया है, तो केवल घरेलू उपाय पर भरोसा न करें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.