पशुपालक अक्सर पशुओं की  केवल दूध की मात्रा देखकर आंकते हैं. लेकिन असली सेहत का पता चलता है जुगाली से. 

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अगर गाय या भैंस आराम से जुगाली कर रही है, तो समझिए कि पशु पूरी तरह स्वस्थ है.

एक स्वस्थ पशु दिन में लगभग 7-10 घंटे जुगाली करता है. यह प्रक्रिया पाचन तंत्र को मजबूत करती है.

पशु आमतौर पर 5 से 25 चक्रों में जुगाली पूरी करता है, जिसमें हर चक्र 10 से 60 मिनट तक चलता है.

जुगाली के दौरान पशु हर 45-60 सेकेंड में 40-70 बार चारा चबाता है, जिससे पेट में गैस संतुलित रहती है.

जुगाली करने वाले पशु ज्यादा सक्रिय और मजबूत रहते हैं. उनके दूध की गुणवत्ता भी बेहतर होती है.

अगर जुगाली अचानक कम हो जाए, तो यह पाचन समस्या, बुखार या अन्य अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है.

खराब चारा, गंदा पानी या अचानक खुराक बदलने से भी जुगाली प्रभावित हो सकती है.

पशुपालक को रोजाना अपने पशु की जुगाली पर नजर रखनी चाहिए. कम जुगाली बीमारी की चेतावनी हो सकती है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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