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लेकिन सही खानपान और देखभाल से इस गिरावट को काफी हद तक रोका जा सकता है.
तेज तापमान के कारण भैंस की भूख कम हो जाती है. वह सुस्त रहती है और कम चारा खाती है.
ज्वार, मक्का, बाजरा और नेपियर घास जैसे हरे चारे शरीर में नमी बनाए रखते हैं और पाचन को आसान बनाते हैं.
ज्यादा सूखा भूसा देने से कब्ज और अपच हो सकती है. भूसा देना हो तो उस पर हल्का पानी छिड़ककर खिलाएं.
हर 2-2.5 लीटर दूध पर करीब 1 किलो संतुलित दाना देना सही रहता है, जिसमें प्रोटीन और खनिज भरपूर हों.
दाने में मिनरल मिक्सचर और नमक मिलाने से कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी नहीं होती, जिससे उत्पादन बेहतर होता है.
एक वयस्क मुर्रा भैंस गर्मियों में 60-80 लीटर तक पानी पी सकती है. दिन में 3-4 बार साफ और ताजा पानी उपलब्ध कराएं.
सप्ताह में 2-3 बार पानी में इलेक्ट्रोलाइट मिलाकर देने से डिहाइड्रेशन और लू का खतरा कम होता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.