शहरी क्षेत्रों में किचन वेस्ट को पॉलीथिन में डालकर खुले में फेंकना पशुओं के लिए सबसे बड़ा खतरा है.

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फास्फोरस और कैल्शियम की कमी के कारण पशु असामान्य चीजें खाने लगते हैं, जैसे पॉलीथिन, पत्थर या कील.

जुगाली करने वाले रूमिनेंट पशु—गाय, भैंस, बकरी और भेड़—इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, खासकर गाय.

पॉलीथिन खाने पर पेट में लगातार गैस बनने लगती है और गंभीर मामलों में अफरा या टीरपी जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं.

कमजोर पशु, कम खाना, पेट फूलना, अधपचा भोजन निकलना, बार-बार उठना-बैठना और बेचैनी इसके मुख्य संकेत हैं.

नियमित खनिज मिश्रण और डिवर्मिंग से फास्फोरस और अन्य पोषक तत्वों की कमी पूरी करें.

पशुओं को कचरे वाले इलाकों में अकेला न छोड़ें और पर्याप्त रेशेदार चारा उपलब्ध कराएं.

किचन वेस्ट को पॉलीथिन में फेंकने से बचें. समय पर इलाज व सावधानी से पशुओं की जान बचाई जा सकती है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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