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पशु चिकित्सकों के मुताबिक, गर्मी की शुरुआत में सही देखभाल से बड़ी बीमारियों को रोका जा सकता है.
गर्मी शुरू होते ही पशुओं में हीट स्ट्रोक यानी लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है.
चरा-चारने के दौरान अगर पशुओं को पर्याप्त पानी न मिले, तो शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है.
हीट स्ट्रोक होने पर पशु सुस्त हो जाते हैं, कम पानी पीते हैं और एक ही जगह बैठे रहते हैं. इसे नजरअंदाज न करें.
हीट स्ट्रोक के बाद पशुओं में डायरिया होने की संभावना बढ़ जाती है. शरीर में पानी-नमक की कमी से हालत बिगड़ सकती है.
चारागाहों और पशुशालाओं में पेड़ या शेड का इंतजाम जरूर करें, ताकि पशुओं को तेज धूप से राहत मिल सके.
पशुओं के लिए हर समय साफ और ठंडा पानी उपलब्ध होना चाहिए. चारा क्षेत्रों और घर दोनों जगह पानी भरपूर रखें.
अगर हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो पानी में बराबर मात्रा में नमक और शक्कर मिलाकर पशु को पिलाएं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.