अगर आप फिश फार्मिंग से अच्छी आय कमाना चाहते हैं, तो सिर्फ दाना डालना ही काफी नहीं है. 

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मछलियों के तैरने के तरीके और खाने की आदत से ही पता चल जाता है कि तालाब की मछलियां स्वस्थ हैं या बीमार.

स्वस्थ मछली का रंग साफ और हल्का चमकदार होता है. फीका रंग या सफेद धब्बे बीमारी का संकेत हो सकते हैं.

मछली के पंख और पूंछ सही आकार में और मजबूत होने चाहिए. फटे हुए पंख या ढीली पूंछ अस्वस्थता की निशानी है.

स्वस्थ मछली के शरीर पर किसी तरह का फोड़ा, घाव या सूजन नहीं होती. ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं.

अगर मछली बार-बार पानी की सतह पर आए या किनारे सुस्त तैरे, तो ऑक्सीजन की कमी या बीमारी हो सकती है.

स्वस्थ मछलियां दाना डालते ही तेजी से खाने लगती हैं. खाने में अरुचि या सुस्ती चिंता का कारण है.

तालाब का पानी साफ, संतुलित और ऑक्सीजन से भरपूर होना चाहिए. गंदा पानी मछलियों को बीमार कर सकता है.

अगर कोई असामान्य लक्षण दिखे तो तुरंत पानी की जांच कराएं और विशेषज्ञ से सलाह लें. 

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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