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कम जमीन, कम समय और सही देखभाल के साथ यह व्यवसाय तेजी से मुनाफा देने लगा है.
लेकिन असली कमाई तभी होती है, जब मछलियां तेजी से वजन पकड़ें और सही आकार में तैयार हों.
कैटफिश, रोहू और कटला जैसी प्रजातियां कम समय में अच्छा वजन पकड़ लेती हैं. इनकी मांग भी ज्यादा रहती है.
गंदे पानी से मछलियों की बढ़त रुक जाती है. तालाब का पानी साफ, बदबू रहित और ऑक्सीजन से भरपूर होना चाहिए.
बहुत ज्यादा गर्म या ठंडा पानी मछलियों को तनाव में डालता है. संतुलित तापमान में मछलियां ज्यादा सक्रिय रहती हैं.
सिर्फ पेट भरने वाला चारा देने से मछलियां मोटी नहीं होतीं. चारे में प्रोटीन, मिनरल और ऊर्जा का संतुलन जरूरी है.
सही समय और मात्रा में चारा देने से मछलियां बेहतर तरीके से भोजन पचाती हैं और तेजी से वजन पकड़ती हैं.
तालाब के आसपास ज्यादा शोर, कंपन या हलचल मछलियों को डराती है. शांत माहौल में मछलियां तेजी से बढ़ती हैं.
अगर बड़ी मछलियों को समय पर नहीं निकाला गया, तो छोटी मछलियों को खाना और जगह कम मिलती है.