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जरा सी लापरवाही नुकसान में बदल सकती है. ऐसे में सही देखभाल की जाए, तो मेमनों की मृत्यु को रोका जा सकता है.
जैसे ही मेमना पैदा हो, उसके मुंह और नाक पर लगी झिल्ली को तुरंत हटाकर सुखाएं.
मेमने को जन्म के तुरंत बाद मां का पहला दूध यानी खीस जरूर पिलाएं. इसमें मेमनों की इम्युनिटी बढ़ती है.
ज्यादा ठंड होने पर मेमनों को पुरानी जूट की बोरियों या कपड़े से हल्का ढक दें. इससे शरीर का तापमान संतुलित बना रहता है.
मेमनों को उनके वजन का सिर्फ 10% ही आहार दें. ज्यादा दूध या चारा देने से अपच और दस्त की समस्या बढ़ सकती है.
सर्दियों में मेमनों को ठंडा पानी न पिलाएं. हमेशा साफ और हल्का गुनगुना पानी दें, जिससे पाचन सही रहे.
कंपकंपी, सुस्ती, बुखार या नाक से बलगम आए तो यह निमोनिया का संकेत हो सकता है.
दस्त की स्थिति में हरा चारा बंद कर उबला दलिया दें और तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.