अगर आपकी तुलसी सूखने लगी है या पत्तियां झड़ रही हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. 

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फरवरी का महीना तुलसी को दोबारा हरा-भरा बनाने का सबसे सही समय माना जाता है. 

अगर तुलसी पर सूखी मंजरियाँ (बीज) लगी हैं तो उन्हें तुरंत काट दें. पौधा अपनी ऊर्जा बीज पकाने में खर्च करता है.

सूखी और कमजोर टहनियों को ऊपर से 2-3 इंच तक काट दें. इससे नई शाखाएं निकलती हैं.

टहनी को हल्का सा नाखून से खुरचकर देखें. अगर अंदर से हरा है तो पौधा जीवित है और जल्द ही नई ग्रोथ देगा.

सर्दियों में मिट्टी सख्त हो जाती है. खुरपी से ऊपरी 2 इंच मिट्टी को ढीला करें और एक दिन खुला छोड़ दें.

गुड़ाई के बाद गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट या नीम खली मिलाएं. नीम खली जड़ों को कीड़ों और फंगस से बचाती है.

तुलसी को रोजाना कम से कम 5-6 घंटे की सीधी धूप जरूरी है. फरवरी की गुनगुनी धूप पौधे को नई ऊर्जा देती है.

ऊपरी मिट्टी सूखने पर ही हल्का गुनगुना पानी दें. ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं, इसलिए जलभराव से बचें.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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