Photo Credit: Canva
सही तरीका अपनाया जाए तो यह सालों तक हरा-भरा और सेहतमंद बना रहता है.
एलोवेरा को रोज पानी देने की जरूरत नहीं होती. ज्यादा पानी से इसकी जड़ें गलने लगती हैं.
अगर गमले में पानी रुक जाता है तो पौधा जल्दी खराब हो सकता है. पानी हमेशा इतना ही दें कि वह नीचे से निकल जाए.
साधारण बगीचे की मिट्टी एलोवेरा के लिए सही नहीं होती. इसमें रेत और थोड़ी खाद मिलाकर हल्की व ड्रेनेज वाली मिट्टी बनाएं.
अगर पौधा हमेशा छांव में रहेगा तो उसकी ग्रोथ धीमी हो जाएगी और पत्तियां कमजोर पड़ सकती हैं.
बिना छेद वाले गमले में एलोवेरा न लगाएं. नीचे छेद वाला मिट्टी या टेराकोटा का गमला सबसे बेहतर रहता है
एलोवेरा को बार-बार खाद देने की जरूरत नहीं होती. साल में एक-दो बार हल्की जैविक खाद काफी होती है.
हमेशा नीचे की पुरानी पत्तियां ही काटें और एक बार में ज्यादा पत्तियां न तोड़ें, ताकि पौधे को रिकवर होने का समय मिल सके.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.