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मार्च का महीना इसकी शुरुआत के लिए सबसे सही समय है, क्योंकि हल्की गर्माहट बीज अंकुरण होने में मदद करती है.
एवोकाडो खाने के बाद उसका बड़ा बीज निकालें, अच्छी तरह धो लें और गूदा साफ कर दें. ध्यान रखें कि भूरा छिलका न हटाएं.
बीज के बीच में 3-4 टूथपिक लगाकर उसे सहारा दें. नुकीला हिस्सा ऊपर और चपटा हिस्सा नीचे रखें.
एक गिलास पानी में बीज का निचला हिस्सा डुबोकर रखें. हर 4-5 दिन में पानी बदलें ताकि बैक्टीरिया न पनपे.
बीज को ऐसी जगह रखें जहां हल्की धूप और गर्माहट हो, लेकिन तेज सीधी धूप न लगे. इससे जड़ें जल्दी निकलती हैं.
जब पौधा 2-3 इंच लंबा हो जाए, तो उसे 10-12 इंच गहरे गमले में अच्छी जलनिकास वाली रेतीली मिट्टी में लगाएं.
एवोकाडो को रोज 5-6 घंटे धूप चाहिए. मिट्टी नम रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें. पत्तियां पीली हों तो पानी कम करें.
जब पौधा 6-7 इंच लंबा हो जाए, तो ऊपर की दो पत्तियां हल्की काट दें. इससे पौधा घना बनेगा.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.