पान की बेल ज्यादा जगह नहीं मांगती और गमले या छोटे बगीचे में भी आसानी से लग जाती है. 

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सही जगह, थोड़ी देखभाल और नमी मिल जाए, तो घर पर केमिकल-फ्री पान की पत्तियां मिलना तय है.

पान की बेल को ऐसी जगह रखें जहां तेज धूप न पड़े और हल्की छायादार रोशनी मिलती रहे, जैसे बालकनी या आंगन.

साधारण मिट्टी में गोबर की खाद और कोकोपीट मिलाएं, ताकि मिट्टी उपजाऊ रहे और नमी बनी रहे.

स्वस्थ पान की बेल से 2–3 गांठों वाली कटिंग लें और मिट्टी में हल्के से दबाकर लगाएं.

कटिंग लगाने के बाद तुरंत अच्छी तरह पानी दें, ताकि जड़ और मिट्टी का संपर्क मजबूत हो सके.

सीधी और तेज धूप पान के पौधे को नुकसान पहुंचा सकती है. सुबह या शाम की हल्की धूप ही पर्याप्त है.

पान बेलनुमा पौधा है, इसलिए जाल, बांस या लकड़ी का सहारा दें, ताकि बेल ऊपर चढ़ सके.

मिट्टी हमेशा हल्की नम रखें, लेकिन ध्यान रहे कि गमले में पानी जमा न हो.

सही देखभाल से 15–20 दिनों में नई पत्तियां निकलने लगती हैं, जो पूरी तरह केमिकल-फ्री होती हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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