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लापरवाही से इसकी ग्रोथ रुक जाती है, लेकिन कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप पौधे में दोबारा जान डाल सकते हैं.
गुड़हल धूप पसंद करने वाला पौधा है. इसे ऐसी जगह रखें जहां रोज कम से कम 5–6 घंटे सीधी धूप मिले.
अगर पौधे पर पीली, सूखी या कमजोर पत्तियां दिखें तो उन्हें फौरन हटा दें. ये पत्तियां पौधे की ऊर्जा बेकार में खींच लेती हैं.
फूल मुरझाने के 2 दिन के भीतर उन्हें तोड़ देना चाहिए. पुराने फूल लगे रहने से पौधा बीज बनाने में ऊर्जा खर्च करता है.
गमले की मिट्टी में मौजूद खरपतवार पोषण चुरा लेती हैं. महीने में 2 बार 2–3 इंच गहरी हल्की गुड़ाई करें.
गुड़हल की जड़ों में पानी जमा होना सबसे खतरनाक है. पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी लगे.
मुट्ठी भर प्याज के छिलके 24–48 घंटे पानी में भिगो दें. बाद में छानकर उसमें DAP के 10–15 दाने मिलाएं.
इस घोल को थोड़ा पानी मिलाकर लगभग 1 लीटर बना लें. महीने में एक बार मिट्टी की हल्की गुड़ाई के बाद डालें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.