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फरवरी में अगर पौधों पर थोड़ा खास ध्यान दे दिया जाए, तो कम जगह में भी भरपूर टमाटर की फसल मिल सकती है.
फरवरी की शुरुआत में पौधे के पास की मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें. इससे जड़ों तक ऑक्सीजन अच्छी तरह पहुंचती है.
हर पौधे में 2 मुट्ठी सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट डालें. इस समय फास्फोरस और पोटाश वाली खाद दें
पौधे की मुख्य टहनी और पत्तियों के बीच निकलने वाली छोटी टहनियों (सकर) को हाथ से तोड़ दें.
नीचे की पीली या सूखी पत्तियों को काट दें. इससे हवा और धूप का सही संचार होता है और फल जल्दी पकते हैं.
सुबह के समय फूलों को हल्के हाथ से हिलाएं. इससे परागण बेहतर होता है और टमाटर बनने की संख्या बढ़ जाती है.
मिट्टी को कभी पूरी तरह सूखने न दें और न ही ज्यादा गीली रखें. अनियमित सिंचाई से टमाटर फट सकते हैं.
अगर पत्तियों पर एफिड्स या सफेद मक्खी दिखे, तो 1 लीटर पानी में 5 मिली नीम तेल मिलाकर छिड़काव करें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.