प्रूनिंग पौधे को नया जीवन देने जैसा होता है, लेकिन यह तभी फायदेमंद बनता है जब बाद पौधे को सही सपोर्ट मिले. 

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थोड़ी सी जल्दबाजी पौधे को शॉक में डाल सकती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि प्रूनिंग के बाद क्या करें.

कटाई के बाद पौधा खुद को ठीक करने में लग जाता है. इस दौरान उसकी जड़ें और तना अंदर से काम कर रहे होते हैं.

प्रूनिंग के तुरंत बाद गोबर खाद, वर्मीकम्पोस्ट या केमिकल खाद देने से पौधा तनाव में आ सकता है और ग्रोथ रुक सकती है.

इस रिकवरी फेज़ में पौधे को केवल हल्का पानी, हल्की धूप और शांत माहौल दें. किसी भी तरह का टॉनिक या खाद न डालें.

इस समय जड़ों को हल्का संकेत देना होता है कि अब ग्रोथ शुरू करनी है. इसके लिए सिर्फ एक लिक्विड फीड का इस्तेमाल करें.

जीवामृत, वर्मीवॉश और छाछ-पानी में से किसी एक को ही चुनें. ज्यादा चीजें देने से जड़ें कन्फ्यूज हो जाती हैं.

एलोवेरा पानी जड़ों को मजबूत करता है और पौधे को शॉक से बाहर निकालने में मदद करता है.

अगर पौधा पूरी तरह स्वस्थ दिखे, पत्तियां टाइट हों और मुरझाहट न हो, तभी हल्की मात्रा में सीवीड एक्सट्रैक्ट दें.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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