मौसम में अचानक आए बदलाव ने किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है.

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खासकर रबी सीजन की प्रमुख फसलें गेहूं और आलू इस समय मौसम की मार झेल रही हैं.

गेहूं की फसल को इस समय ठंडे मौसम की जरूरत होती है, लेकिन तापमान बढ़ने से फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है.

किसानों का कहना है कि शीत न गिरने से मिट्टी में नमी नहीं बन पा रही, जिससे फसल कमजोर होती जा रही है.

बिहार में पिछले 5-6 दिनों से तेज धूप निकल रही है, जिससे खेतों की ऊपरी परत सूख रही है और पौधों को नुकसान हो रहा है.

अगर यही मौसम बना रहा, तो किसानों को सामान्य से ज्यादा सिंचाई करनी पड़ेगी, ताकि खेत में नमी बनी रहे.

जहां पानी की सुविधा नहीं है, वहां गेहूं और आलू की फसल सूखकर खराब होने की आशंका बढ़ गई है.

बार-बार सिंचाई करने से डीजल, बिजली और पानी पर खर्च बढ़ेगा, जिससे किसानों की लागत काफी बढ़ जाएगी.

आम तौर पर गेहूं में 3-4 बार सिंचाई होती है, लेकिन इस बार मौसम के कारण 5 बार तक जरूरत पड़ सकती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि किसान फसल की स्थिति देखकर समय पर सिंचाई करें, ताकि नमी बनी रहे.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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