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बदलते मौसम और बीमारियों के दौर में गिलोय पशुपालकों के लिए एक प्राकृतिक सहारा बन सकती है.
गिलोय गायों की इम्युनिटी मजबूत करती है, जिससे वायरल और बैक्टीरियल बीमारियों का खतरा कम होता है.
गिलोय का काढ़ा देने से बुखार धीरे धीरे उतरता है और शरीर में जमा गंदे तत्व बाहर निकलते हैं.
अपच, गैस और भूख न लगने की समस्या में गिलोय पाचन को ठीक करती है और आंतों को मजबूत बनाती है.
स्वस्थ शरीर और बेहतर पाचन की वजह से दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों में सुधार देखा जाता है.
गिलोय में मौजूद सूजन कम करने वाले गुण गायों को जोड़ों के दर्द और शरीर की अकड़न से राहत देते हैं.
खुजली, फोड़े और त्वचा संक्रमण में गिलोय खून को साफ करके समस्या को अंदर से ठीक करने में मदद करती है.
गिलोय शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे गाय ज्यादा सक्रिय और स्वस्थ रहती है.
ताजी गिलोय की डंडी उबालकर काढ़ा बनाएं और ठंडा करके सीमित मात्रा में पशु चिकित्सक की सलाह से ही दें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.