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इसका सही और सीमित इस्तेमाल भूख खोलने और पेट को हल्का रखने में असरदार माना जाता है.
काली इलायची पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करती है, जिससे खाने की इच्छा बढ़ती है और भूख धीरे-धीरे सामान्य होने लगती है.
इसके नियमित सेवन से खाना जल्दी पचता है और पेट में भरेपन या जकड़न की समस्या कम होती है.
काली इलायची गैस बनने की प्रक्रिया को धीमा करती है, जिससे डकार, पेट फूलना और अपच में आराम मिलता है.
आयुर्वेद में इसे दीपन पाचन माना गया है, यानी यह कमजोर पाचन शक्ति को मजबूत बनाती है.
जब पाचन सुधरता है तो खाने में मन लगता है और भोजन का स्वाद दोबारा अच्छा लगने लगता है.
खाने से 10–15 मिनट पहले आधी काली इलायची धीरे-धीरे चबाएं. इसके तुरंत बाद पानी न पिएं, ताकि असर पूरा मिले.
पाचन ठीक होने से शरीर हल्का रहता है, ऊर्जा बनी रहती है और थकान या आलस कम महसूस होता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.