रामायण से लेकर आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान तक, बेर का जिक्र हर जगह मिलता है. 

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शबरी द्वारा भगवान राम को खिलाए गए बेर सिर्फ भक्ति की निशानी नहीं थे, बल्कि सेहत का खजाना भी थे. 

आज की रिसर्च भी मानती है कि बेर खाने से शरीर, दिमाग और दिल तीनों को जबरदस्त फायदे मिलते हैं.

बेर का गूदा और रस इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है.

बेर का रस कोलेजन बनाने में मदद करता है, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करता है और घावों को जल्दी भरने में सहायक होता है.

बेर में मौजूद फाइटोकेमिकल्स लिवर की कोशिकाओं को टॉक्सिन्स और ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं.

इसके एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण जोड़ों के दर्द, सूजन और आर्थराइटिस जैसी समस्याओं में राहत देते हैं.

बेर कोलेस्ट्रॉल कम करता है, खून के बहाव को बेहतर बनाता है और हार्ट डिजीज के खतरे को घटाने में मदद करता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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