आज की तेज रफ्तार जिंदगी में गलत खानपान और अनियमित दिनचर्या ने पेट की समस्याओं को आम बना दिया है. 

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ऐसे में आयुर्वेद में बताया गया एक बेहद सादा लेकिन असरदार उपाय फिर से चर्चा में है, पान का पत्ता.

पान का पत्ता चबाने से मुंह में लार तेजी से बनती है, जिससे भोजन आसानी से टूटता है और पाचन का दबाव कम पड़ता है.

इसमें मौजूद प्राकृतिक तेल और फाइबर आंतों की गतिविधि को संतुलित करते हैं, जिससे ब्लोटिंग की समस्या कम होती है.

पान का पत्ता पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को नियंत्रित करता है, जिससे खट्टी डकार और जलन से राहत मिलती है.

यह आंतों की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जिससे मल त्याग की प्रक्रिया आसान होती है और कब्ज में सुधार आता है.

इसके एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह की दुर्गंध, मसूड़ों की सूजन और दांतों की कमजोरी को कम करने में मदद करते हैं.

पान का पत्ता तंत्रिका तंत्र को शांत करता है, जिससे मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और बेचैनी में राहत मिलती है.

इसके एंटीऑक्सीडेंट शरीर की इम्युनिटी बढ़ाते हैं और सर्दी-खांसी व बलगम जैसी समस्याओं में भी सहायक होते हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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