होली के रंगों और उत्साह से पहले एक ऐसा समय आता है, जिसे बेहद खास माना जाता है, ‘होलाष्टक’. 

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इन आठ दिनों को धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है, इसलिए शुभ कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है.

होलाष्टक फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी से शुरू होकर होलिका दहन तक चलने वाली आठ दिन की विशेष अवधि है.

इस वर्ष होलाष्टक 24 फरवरी सुबह 7:01 बजे से शुरू होकर पूर्णिमा तक रहेगा और होलिका दहन के साथ समाप्त होगा.

इन दिनों शादी-ब्याह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन और नया व्यापार शुरू करना शुभ नहीं माना जाता.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय ग्रहों का प्रभाव उग्र रहता है, जिससे मांगलिक कार्यों में बाधा आ सकती है.

सोना-चांदी, वाहन या संपत्ति जैसी बड़ी खरीदारी भी होलाष्टक के दौरान टाल दी जाती है.

मान्यता है कि इस अवधि में नया व्यवसाय या नया प्रोजेक्ट शुरू करने से अपेक्षित सफलता नहीं मिलती.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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