आजकल बाजार में नकली दालचीनी धड़ल्ले से बिक रही है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है.

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असली दालचीनी का रंग हल्का भूरा या पीला-भूरा होता है,जबकि नकली दालचीनी का रंग गहरा लाल-भूरा होता है.

असली दालचीनी की छाल बहुत पतली और कागज जैसी होती है, नकली दालचीनी की छाल मोटी और सख्त होती है.

असली दालचीनी आसानी से टूट जाती है, जबकि नकली इतनी सख्त होती है कि तोड़ने में काफी जोर लगाना पड़ता है.

असली दालचीनी की खुशबू हल्की, मीठी और लौंग जैसी होती है. नकली दालचीनी की खुशबू बहुत तेज, तीखी होती है.

असली का स्वाद हल्का मीठा होता है और जीभ पर जलन नहीं करता. नकली का स्वाद तेज, कड़वा और कभी-कभी जलन पैदा करने वाला होता है.

असली दालचीनी आमतौर पर सीलोन दालचीनी कहलाती है और थोड़ी महंगी होती है. नकली दालचीनी सस्ती होती है.

असली दालचीनी में कौमारिन की मात्रा बहुत कम होती है, जो सेहत के लिए सुरक्षित है.नकली से लीवर को नुकसान पहुंच सकता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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