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यह दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती का प्रतीक है, जिन्हें किसानों का सच्चा मसीहा माना जाता है.
साल 2001 में केंद्र सरकार ने चौधरी चरण सिंह की जयंती को राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की.
उन्होंने अपना पूरा राजनीतिक जीवन किसानों, ग्रामीण भारत और खेतिहर मजदूरों के उत्थान को समर्पित कर दिया.
जमींदारी प्रथा का उन्मूलन, भूमि सुधार और किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए उन्होंने कई अहम नीतियां लागू कीं.
भारत की 60% से ज्यादा आबादी खेती पर निर्भर है. कृषि देश की जीडीपी और खाद्य सुरक्षा की रीढ़ मानी जाती है.
जलवायु परिवर्तन, कर्ज, फसल का सही दाम न मिलना और तकनीक की कमी आज भी किसानों की बड़ी समस्याएं हैं.
यह दिन याद दिलाता है कि किसान मजबूत होगा, तभी देश आगे बढ़ेगा. किसानों की खुशहाली ही भारत की असली तरक्की है.